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यह जà¥à¤žà¤¾à¤¤ नहीं है कि कà¥à¤› लोगों में यह विकार कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ विकसित होता है, लेकिन आनà¥à¤µà¤‚शिक कारण और बचपन के दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• अनà¥à¤à¤µ, जैसे- बाल दà¥à¤°à¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° या उपेकà¥à¤·à¤¾, दोनों की इस विकार में à¤à¥‚मिका अहम मानी जा सकती है। इस डिसॉरà¥à¤¡à¤° वाला शखà¥à¤¸ अकà¥à¤¸à¤° कठिन पारिवारिक परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में बड़ा होता है।
असामाजिक वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ विकार के संकेत
असामाजिक वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ विकार वाले लोगों में दूसरे के अधिकारों का शोषण करना, उलà¥à¤²à¤‚घन करना, हेरफेर करना और अनà¥à¤¯ लोगों के संकट पर खà¥à¤¶ होना, गैर जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° दिखाना, सामानà¥à¤¯ सामाजिक वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ उपेकà¥à¤·à¤¾ का à¤à¤¾à¤µ रखना जैसी आदतें शामिल होती हैं। à¤à¥‡à¤¸à¥‡ लोगों को लंबे समय के लिठसंबंध बनाठरखने में परेशानी होती है। à¤à¤¸à¥‡ लोग अपने गà¥à¤¸à¥à¤¸à¥‡ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रखने में असमरà¥à¤¥ होते हैं। उनको अपनी ग़लतियों का अपराध बोध नहीं होता है। वे अपने जीवन की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को लेकर दूसरों को दोषी मानते हैं बार-बार कानून तोड़ते हैं।
इस समसà¥à¤¯à¤¾ से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ शखà¥à¤¸ के बचपन की गतिविधियाठविकार के इतिहास जà¥à¤¡à¤¼à¥€ होती हैं, जैसे सà¥à¤•ूल नहीं जाना, रोना-धोना, अपराध के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ रà¥à¤à¤¾à¤¨, धन-संपतà¥à¤¤à¤¿ का दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤—, विघटनकारी और आकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° का होना।
असामाजिक वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ विकार कौन विकसित करता है?
यह डिसॉरà¥à¤¡à¤° महिलाओं की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ को अधिक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। यह जà¥à¤žà¤¾à¤¤ नहीं है कि कà¥à¤› लोगों में यह विकार कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ विकसित होता है, लेकिन आनà¥à¤µà¤‚शिक कारण और बचपन के दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• अनà¥à¤à¤µ, जैसे- बाल दà¥à¤°à¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° या उपेकà¥à¤·à¤¾, दोनों की इस विकार में à¤à¥‚मिका अहम मानी जा सकती है।
इस डिसॉरà¥à¤¡à¤° वाला शखà¥à¤¸ अकà¥à¤¸à¤° कठिन पारिवारिक परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में बड़ा होता है। à¤à¤¸à¥€ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में माता-पिता में से à¤à¤• या दोनों शराब का ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सेवन करते हैं। माता-पिता के खराब संबंध, ठीक तरीके से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का पालन-पोषण न होना इसमें अहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥‡ हैं। इन समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के कारण बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की देखà¤à¤¾à¤² के लिठसामाजिक सेवाà¤à¤‚ शामिल होती हैं।
बचपन में à¤à¤¸à¥€ परेशानियां अकà¥à¤¸à¤° किशोरावसà¥à¤¥à¤¾ और यà¥à¤µà¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾ पैदा करती हैं।
असामाजिक वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ विकार का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ
आपराधिक वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° इस डिसॉरà¥à¤¡à¤° का à¤à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ है। à¤à¤¸à¥‡ में काफी जोखिम होता है कि इस समसà¥à¤¯à¤¾ से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ कोई शखà¥à¤¸ अपराध करेगा और अपने जीवन में कà¤à¥€ उसे जेल हो सकती है।
इस समसà¥à¤¯à¤¾ की वजह से लोगों में शराब और डà¥à¤°à¤—à¥à¤¸ के दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ तीन से पांच गà¥à¤¨à¤¾ अधिक पाई जाती है। à¤à¤¸à¥‡ शखà¥à¤¸ का लापरवाही से वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° करना या आतà¥à¤®à¤¹à¤¤à¥à¤¯à¤¾ का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करने के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प समय से पहले मरने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बॠजाती है।
इस विकार वाले लोगों को संबंध बनाने में समसà¥à¤¯à¤¾ होना, बेरोज़गारी की और बेघर होने की अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है।
असामाजिक वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ विकार का परीकà¥à¤·à¤£ या निदान
असामाजिक वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ विकार का इलाज करने के लिठउस वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का 15 साल की आयॠसे पहले इस समसà¥à¤¯à¤¾ के होने का इतिहास होना चाहिà¤à¥¤
इस विकार का निदान कठोर मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• मापतोल के बाद किया जाता है। इसमें रोग की पहचान तà¤à¥€ की जा सकती है, जब शखà¥à¤¸ की आयॠ18 वरà¥à¤· या उससे अधिक हो या निमà¥à¤¨ में से कम से कम तीन मापदंड लागू होते हों:
बार-बार कानून का तोड़ना
बार-बार धोखेबाजी करना
आगे की योजना बनाने के लिठआवेगशील या अकà¥à¤·à¤® होना
चिड़चिड़ा और आकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• होना
अपनी सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ या दूसरों की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ लापरवाह होना
लगातार गैर-जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¤¨à¤¾ रवैया
पशà¥à¤šà¤¾à¤¤à¤¾à¤ª की कमी
इन संकेतों को à¤à¤• सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤• या पागलपन का हिसà¥à¤¸à¤¾ नहीं होना चाहिà¤à¥¤ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की रोज़मरà¥à¤°à¤¾ की परà¥à¤¸à¤¨à¥ˆà¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ का हिसà¥à¤¸à¤¾ होना चाहिà¤à¥¤
यह वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° आमतौर पर किशोरावसà¥à¤¥à¤¾ के अंतिम वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में और 20वें साल में सबसे तीवà¥à¤° होता है।जब तक वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ अपने चौथे दशक तक पहà¥à¤‚च जाता है तो इसमें सà¥à¤§à¤¾à¤° हो सकता है।
असामाजिक वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ विकार का इलाज
पहले इस विकार को आजीवन विकार माना जाता था, लेकिन यह हमेशा à¤à¤¸à¤¾ नहीं होता। इस पर काबू पाया जा सकता है और इलाज किया जा सकता है। इस बात के सबूत हैं कि वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° में समय के साथ सà¥à¤§à¤¾à¤° हो सकता है। à¤à¤²à¥‡ ही सहानà¥à¤à¥‚ति की कमी जैसे मूल लकà¥à¤·à¤£ बने रहें।
हालांकि असामाजिक वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ विकार उपचार की दृषà¥à¤Ÿà¤¿ से सबसे कठिन पà¥à¤°à¤•ार के वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ विकारों में से à¤à¤• है। इस विकार वाला शखà¥à¤¸ à¤à¥€ इलाज के लिठअनिचà¥à¤›à¥à¤• हो सकता है और तब थेरेपी केवल तà¤à¥€ शà¥à¤°à¥‚ होती है, जब कोरà¥à¤Ÿ इसके लिठआदेश दे।
इस विकार वाले शखà¥à¤¸ के लिठपà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ इलाज उनकी परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर निरà¥à¤à¤° करता है, जैसे कि उमà¥à¤°, नà¥à¤•़सान पनहचने का इतिहास, शराब या नशीली दवाओं का दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— जैसी जà¥à¤¡à¤¼à¥€ हà¥à¤ˆ समसà¥à¤¯à¤¾ हो।
वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के परिवार और दोसà¥à¤¤ अकà¥à¤¸à¤° उसके इलाज और देखà¤à¤¾à¤² में निरà¥à¤£à¤¯ लेने में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥‡ हैं। कà¥à¤› मामलों में पदारà¥à¤¥ के दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— की सेवाओं और सामाजिक देखà¤à¤¾à¤² सेवाओं को à¤à¥€ इलाज में शामिल होने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
टॉकिंग थेरेपी
कॉगà¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤µ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° थेरेपी(सीबीटी, CBT) का उपयोग कà¤à¥€-कà¤à¥€ इस विकार के इलाज के लिठकिया जाता है। यह à¤à¤• टॉकिंग थेरेपी है, जिसका उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की समसà¥à¤¯à¤¾ को ठीक करने में मदद करना है।
मानसिक चिकितà¥à¤¸à¤¾ आधारित चिकितà¥à¤¸à¤¾(MBT) à¤à¤• दूसरे पà¥à¤°à¤•ार की बातचीत पर आधारित थेरेपी है, जो असामाजिक वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ आधारित विकार के उपचार में अधिक लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ है। थेरेपिसà¥à¤Ÿ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को अपने सोचने के तरीके पर विचार करने के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करता है कि कैसे उसकी मानसिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ उसके वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है।
लोकतांतà¥à¤°à¤¿à¤• थेरेपैटिक समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ (डीटीसी)
सबूत बताते हैं कि इस विकार वाले लोगों के लिठसमà¥à¤¦à¤¾à¤¯ आधारित कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® à¤à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ दीरà¥à¤˜à¤•ालिक उपचार पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ बन सकता है और यह जेलों में तेजी से लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ हो रहा है।
डीटीसी à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार की सोशल थेरेपी है, जिसका उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का जोखिम से बचाव करना है। साथ ही उसकी à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• और मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• जरूरतों की ओर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दिलाना है। यह बड़े और छोटे थेरेपी समूहों तक आधारित है और समà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ के मà¥à¤¦à¤¦à¥‹à¤‚ पर केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ होती है। जहां à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ वातावरण बनाता है, जिसमें सà¥à¤Ÿà¤¾à¤« और जेल में बंद कैदी दोनों समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के फैसलों में योगदान करते हैं। इसमें शैकà¥à¤·à¤¿à¤• और वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठà¤à¥€ मौके हो सकते हैं।
इलाज के लिठपà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ समय 18 महीने होता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में बदलाव करने और नठसà¥à¤•िल को अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ में लाने के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ समय की जरूरत होती है। इस पà¥à¤°à¤•ार की योजना को सà¥à¤µà¥€à¤•ार करने के लिठखà¥à¤¦ की पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ à¤à¤• अनà¥à¤¯ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कारक है। उदाहरण के लिà¤, वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को à¤à¤• समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के हिसà¥à¤¸à¥‡ के रूप में काम करने, समूहों में à¤à¤¾à¤— लेने और लोकतांतà¥à¤°à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के अधीन होने के लिठतैयार होना चाहिà¤à¥¤
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